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अडैप्टिव फ्रंट लाइटिंग सिस्टम

अडैप्टिव फ्रंट लाइटिंग सिस्टम (एएफएलएस)

प्रौद्योगिकी

  • अडैप्टिव फ्रंट लाइटिंग सिस्टम (एएफएलएस) जो भारतीय सड़कों और यातायात की स्थितियों के लिए उपयुक्त है
  • टीआरएल-6 (विधिमान्यकरण और विधिमान्यकरण के साथ प्रोटोटाइप)
AFLS System

गुणधर्म/विशेषताएँ

  • रात में वाहन चलाते समय शहर और गाँव की सड़कों पर अधिक बढ़िया दृश्यता देता है।
  • विशेष रूप से एक्‍सप्रेसवे पर उच्‍च गति से दृश्यता की लंबी श्रृंखला प्रदान करता है।
  • सामने से आ रहे यात्रियों की आँखों पर पड़ने वाली चकाचौंध से बचाता है, क्योंकि यह प्रणाली ‘लो बीम’ के प्रयोग को बढ़ावा देता है।
  • पूर्व-निर्धारित विधि के समुच्चय में से, आवश्यकता अनुसार लाइट का प्रतिरूप अपने आप चुन लेता है।
  • वाहन में बैठे यात्रियों की संख्या के अनुसार लाइट की दिशा अपने आप तय करता है।
  • सड़क और यातायात की स्थितियों के हिसाब से अपने आप घूम जाता है।
  • लागत प्रभावी और स्वदेशी समाधान।

अनुप्रयोग

  • यात्री और वाणिज्यिक वाहनों के खंड में प्रगत लाइटिंग प्रौद्योगिकी के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
  • प्रोजेक्टर और रिफ्लेक्टर, दोनों तरह के हेडलैंप के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
  • 2-पहिया, 3-पहिया, 4-पहिया, बस, और निर्माण व खनन उपस्कर वाहनों के लिए भी इसे बनाया जा सकता है।

हासिल किए गए विधिमान्यकरण का पैमाना

जचलाया गया; इसमें ‘डायनेमिक स्विवेल’ की जाँच के लिए पहाड़ी रास्ते (घाट सेक्शन) और उच्च गति पर लाइट की दिशा तय करने की जाँच के लिए एक्सप्रेसवे शामिल थे। इस प्रणाली का अंशांकन और सत्यापन परीक्षण ट्रैक और ‘प्रूविंग ग्राउंड’ पर किया गया। इस प्रणाली और इसकी प्रकार्यात्मकताओं का मूल्यांकन एआईएस-008 और एआईएस -127 मानकों के अनुसार किया गया है, जो क्रमशः ईसीई-आर112 और ईसीई-आर123 मानकों के बराबर हैं।

बौद्धिक संपदा

लागू नहीं

सार

दि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने यात्री कारों और एसयूवी/एमपीवी के लिए एडेप्टिव फ्रंटल लाइटिंग सिस्टम (एएफएलएस) का एक स्वदेशी और किफायती प्रौद्योगिकी समाधान विकसित किया है। यह एल्गोरिदम भारतीय सड़कों और यातायात की स्थितियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अभिकल्पित किया गया है। एएफएलएस हेडलाइट की बीम के प्रतिरूप को ड्राइविंग की स्थिति, आस-पास के माहौल और आगे चल रहे वाहन के हिसाब से समायोजित करता है। एएफएलएस अलग-अलग विधि में काम करता है, जैसे: एक्सप्रेसवे विधि, कंट्री विधि और टाउन विधि।

इन विधियों को हासिल करने के लिए, विकसित किए गए एएफएलएस ईसीयू के प्रोटोटाइप को सीएएन नेटवर्क पर यूडीएस-सक्षम वैद्युत और इलेक्ट्रॉनिक वास्तुकला के साथ एकीकृत किया गया है। ये एएफएलएस विधि एक्चुएटर्स का प्रयोग करके प्राप्त किए जाते हैं; इसके लिए प्रोजेक्टर हेडलाइट्स के बीम प्रतिरूप को नियंत्रित किया जाता है, साथ ही कॉर्नरिंग लैंप को चालू/बंद किया जाता है और कार से मिलने वाले वाहन प्राचल संकेत का प्रयोग किया जाता है। भारतीय यातायात की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गति सीमा को इष्टतमीकृत किया गया है।

इस एएफएलएस प्रौद्योगिकी के विकास के साथ, एआरएआई अब मोटर वाहन लाइटिंग के क्षेत्र में निम्नलिखित विकास सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम है:

  • प्रकार्यात्मक वास्तुकला का विकास
  • इंटेलिजेंट लाइटिंग तकनीकों के लिए घटकों का चयन
  • मैटलैब और सिम्यूलिंक / सी का उपयोग करके सॉफ्टवेयर का विकास
  • सत्यापन और प्रमाणीकरण की कार्यपद्धति
  • एएफएलएस के विकास और लाइटिंग के क्षेत्र में नई तकनीकों के लिए परामर्श सेवाएँ

एआरएआई 2 और 3 पहियों वाले वाहनों, बसों, वाणिज्यिक वाहनों, ऑफ-रोड वाहनों और निर्माण तथा खनन मशीनरी वाले वाहनों के लिए भी इसी तरह की एएफएलएस प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

लाभार्थी उद्योग

  • 2-पहिया, 3-पहिया, कार, एसयूवी/एमपीवी, बस, वाणिज्यिक वाहन आदि के विनिर्माता
  • वाहन ओईएम को लाइटिंग सिस्टम की आपूर्ति करने वाले विनिर्माता
  • खनन उपकरणों और वाहनों पर काम करने वाले ऑफ-रोड वाहन विनिर्माता/समाकलक