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भविष्य की परियोजनाएँ

भविष्य की परियोजनाएँ

इंजीनियरिंग सहायता के साथ रचनात्मक विचारों से एक नवाचारी उत्पाद का अभिकल्प किया जा सकता है। रचनात्मक विचारों से नवाचारी उत्पाद तक की दूरी को ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से कम किया जा सकता है जो ग्राहकों की आवश्यकताओं, प्रतिस्पर्धा, राजनीति तथा सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को समाहित करती है। एआरएआई-एसडीएल निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम है।

बाजार सर्वेक्षण

एआरएआई ने व्यक्तिगत अथवा व्यावसायिक उपयोग के लिए वाहन उपयोगकर्ताओं के साक्षात्कार लेकर विभिन्न श्रेणियों के वाहनों हेतु ग्राहकों की आवश्यकताओं को संकलित किया है। इसके लिए प्रश्नावली इस प्रकार तैयार की गई है कि उसका आगे विश्लेषण कर ड्राइविंग एवं प्रचालन पैटर्न को समझा जा सके। विभिन्न अभिकल्प इनपुट/पैरामीटर का क्षेत्र-वार, वाहन-वार तथा व्यक्तिगत या व्यावसायिक उपयोग-वार विश्लेषण किया जाता है।
  • एक्सप्रेसवे/राजमार्ग पर ड्राइविंग व्यवहार
  • ट्रैफिक सिग्नल के पास पहुँचते समय ड्राइविंग व्यवहार
  • विभिन्न सड़कों पर औसत गति
  • प्रति सप्ताह तय की गई औसत दूरी
  • प्रति सप्ताह वाहन लोडिंग
  • वाहन के प्रकार का उपयोग
  • सड़कें एवं संबंधित बुनियादी ढाँचा
  • ड्राइवर की आयु
  • चालकों का लिंग-वार वितरण
  • दिन के दौरान वाहन का ठहराव – क्षेत्र के अनुसार
  • ठहराव के दौरान वाहन से बाहर निकलना
  • वाहन में यात्रा करने वाले यात्रियों की औसत संख्या
  • लगेज कम्पार्टमेंट खोलने की आवृत्ति
  • बोनेट खोलने की आवृत्ति
  • पार्किंग लाइट उपयोग की आवृत्ति
  • साइड इंडिकेटर उपयोग की आवृत्ति
  • आंतरिक प्रकाश उपयोग की आवृत्ति
  • रात्रि के समय हेडलैम्प की स्थिति
इस डाटा का उपयोग लक्षित वाहन के विनिर्देशन एवं विशेषताओं को निर्धारित करने हेतु किया जा सकता है। यह डाटा बाजार-विशिष्ट होता है और ओईएम की आवश्यकता के अनुसार एआरएआई मौजूदा डाटाबेस से डाटा उपलब्ध करा सकता है तथा/अथवा किसी विशिष्ट वाहन श्रेणी के लिए नया डाटाबेस विकसित कर सकता है। इस डाटाबेस को आगे ड्यूटी-साइकल डाटाबेस तक विस्तारित किया जाता है, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए 1000+ किलोमीटर तक लगभग 100+ चैनलों का वाहन प्रतिक्रिया डाटा उपलब्ध होता है, जिससे ड्राइविंग आदतों, गति, सड़क आदि बाह्य कारकों के कारण वाहन प्रतिक्रिया में होने वाले बदलाव को समझा जा सके। इस डाटाबेस का उपयोग वाहन के लक्षित ड्यूटी-साइकल निर्धारण हेतु भी किया जा सकता है।

अभिकल्प सीएई / एमबीडी

अवधारणा के परिणामस्वरूप वाहन का ढाँचा, लक्षित विनिर्देशन तथा अभिकल्प मानदंड निर्धारित किए जाते हैं। इसमें घटकों, समुच्चयों एवं वाहन का अभिकल्प तथा विभिन्न चरणों में उनका एकीकरण ओईएम, टियर-1 आपूर्तिकर्ता आदि के दायरे में आता है। यहाँ की जाने वाली गतिविधियों में आवश्यक अभिकल्प मापदंडों का अंतिमकरण, सीएडी ड्रॉइंग की तैयारी तथा वर्चुअल तकनीकों के माध्यम से अभिकल्प सत्यापन शामिल है। अभिकल्प सीएई/एमबीडी प्रक्रिया के अंतर्गत एआरएआई वर्चुअल मॉडल निर्माण, बेंचमार्किंग डाटा अथवा वाहन प्रतिक्रिया डाटा के आधार पर मॉडल की ट्यूनिंग एवं विधिमान्यकरण की सेवाएँ प्रदान कर सकता है, जिससे भविष्य के विकास हेतु संदर्भ उपलब्ध हो सके।

इलेक्ट्रॉनिक पावर असिस्टेड स्टीयरिंग (ईपीएएस)

एआरएआई ने इलेक्ट्रॉनिक पावर असिस्टेड स्टीयरिंग (ईपीएएस) के लिए स्वदेशी एवं लागत-प्रभावी प्रौद्योगिकी समाधान विकसित किया है। यह एल्गोरिद्म भारतीय सड़कों एवं ट्रैफिक परिस्थितियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अभिकल्पित किया गया है। ईपीएएस प्रणाली वाहन की गति तथा चालक की मांग के अनुसार इलेक्ट्रिक मोटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता को समायोजित करती है। इस प्रणाली को भारतीय ड्राइविंग चक्र एवं सड़क परिस्थितियों के अनुरूप अनुकूलित किया गया है तथा नियंत्रण लॉजिक की गति सीमाएँ भारतीय ट्रैफिक एवं पार्किंग आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु निर्धारित की गई हैं। इस ईपीएएस प्रौद्योगिकी विकास के साथ एआरएआई अब ऑटोमोटिव लाइटिंग, फंक्शनल आर्किटेक्चर विकास, स्टीयरिंग प्रणाली अभिकल्प, वाहन एकीकरण अध्ययन तथा वाहन लेटरल नियंत्रण से संबंधित नई प्रौद्योगिकियों के लिए परामर्श एवं विकास सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम है।