सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मिलन-समारोह
विरासत का सम्मान, भविष्य को प्रेरणा: एआरएआई की हीरक जयंती पुनर्मिलन
एआरएआई अपना हीरक जयंती उत्सव मना रहा है। इस अवसर पर एआरएआई ने अपने सेवानिवृत्त साथियों—उन दूरदर्शी लोगों, जिन्होंने पिछले छह दशकों में हमारे संस्थान को साकार करने में योगदान किया—उनके सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करके अपनी जड़ों से जुड़ी पुरानी यादों को जीवंत किया।
पूर्वाह्न पुरानी यादों, आभार और प्रेरणादायक संवादों से भरा रहा। हमने पूर्व निदेशक श्री बलराज भनोट, श्री श्रीकांत मराठे और श्रीमती रश्मि उर्ध्ववर्षे का स्वागत किया। एआरएआई के विकास, वाहन उद्योग में आए बदलावों और तकनीकी उपलब्धियों पर उनके विचारों ने हमें उस सुदृढ़ और बेहतरीन कार्यों की यादों को जीवंत किया, जो हमारी विरासत की पहचान है।
सभा को संबोधित करते हुए, वर्तमान निदेशक डॉ. रेजी मथाई ने एआरएआई के शुरुआती मूल्यों और भविष्य के लक्ष्यों के बीच अटूट संबंधों पर प्रकाश डाला। हमारी आधुनिक सुविधाओं की जानकारियों से पता चला कि कैसे हमारे अनुभवी साथियों द्वारा रखी गई नींव आज ऑटोमोटिव अनुसंधान और नव-प्रवर्तनों के विश्व-स्तरीय केंद्र के रूप में विकसित हुई।
इस उत्सव का चिर-स्मरणीय क्षण इस अवसर पर उपस्थित चार निदेशकों द्वारा पौधा रोपण रहा—जो विकास, संधारणीयता और एक सुदृढ़ भविष्य के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
हमें 25 साल की समर्पित सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने पर भी गर्व हुआ। उनकी प्रतिबद्धता एआरएआई की समृद्ध विरासत और भविष्य के अवसरों के बीच पुल का काम करती है।
हम एआरएआई के सभी वरिष्ठ एवं अनुभवी साथियों के प्रति असीम सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं। नवप्रवर्तन, उत्कृष्टता और भविष्य की गतिशीलता के निर्माण के इस सह-सफर में आपकी विरासत हमें सदैव प्रेरित करती है।