डिजिटल ट्विन प्रयोगशाला
नवप्रवर्तनकारी
- भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) की पूंजीगत वस्तु योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत एआरएआई द्वारा उद्योग साझेदार के साथ मिलकर एक समान अभियांत्रिकी सुविधा केंद्र (सीईएफसी) की स्थापना की जा रही है।
- सीईएफसी, उद्योगों में विभिन्न प्रणालियों के लिए डिजिटल ट्विन बनाकर, व्यापक रूप से उद्योग, विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स के लाभ के लिए “समर्थ उद्योग भारत 4.0” को सक्षम बनाएगा।
- छोटे उद्यमों के लिए, विशेष रूप से समाधान के विकास और सीमित प्रौद्योगिकी अभिविन्यास की सुविधाओं तक पहुँच एक चुनौती है।
- इसलिए, उभरते ऑटोमोटिव प्रणालियों के लिए डिजिटल ट्विन केंद्र की स्थापना से एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स को उनकी आवश्यकताओं के लिए इस डोमेन का उपयोग करके प्रयोग करने, अनुभव करने, कौशल बढ़ाने और समाधान खोजने में मदद मिलेगी।
हब एंड स्पोक पद्धति से समूची सुविधा स्थापित की जा रही है।
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हब: पुणे
- एचआईएल फ़ार्म
- एआई और एमएल
- आईसीएमई
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स्पोक 1: बेंगलुरु
- डिजिटल रूप से कनेक्टेड एआईएमएल सुविधा
- डिजिटल रूप से कनेक्टेड आईसीएमई सुविधा
- 100 वोल्ट एचआईएल प्रणाली
- वाहन एचआईएल प्रणाली
- आईसीएमई
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स्पोक 2: गुवाहाटी
- डिजिटल रूप से कनेक्टेड एआईएमएल सुविधा
- डिजिटल रूप से कनेक्टेड आईसीएमई सुविधा
- वाहन एचआईएल प्रणाली
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इन सुविधाओं का उपयोग विभिन्न उद्योगों में प्रौद्योगिकियों के विकास, प्रयोग, अभिकल्प, सिम्यूलेशन और सत्यापन के लिए किया जा सकता है।
डिजिटल ट्विन प्रणाली के घटक निम्नलिखित हैं:
- एआई और एमएल मॉडलों की प्रभावी ट्यूनिंग के लिए डाटा और परिवेश का डिजिटीकरण।
- सिस्टम विकास और प्रशिक्षण के लिए डाटा का डिजिटीकरण।
- एचआईएल फार्म।
- नियंत्रण विकास और सत्यापन के लिए प्रणालियों का डिजिटीकरण।
- सामग्री विकास और विनिर्माण प्रक्रिया का डिजिटीकरण।
- भौतिक प्रोटोटाइपिंग की आवश्यकता के बिना सामग्री विकास और अभिलक्षणन।
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डिजिटल ट्विन प्रणाली के परिणाम निम्नलिखित हैं:
- डिजिटल ट्विन के निर्माण से प्रणाली विकास के लिए समग्र विकास समय कम हो जाता है।
- प्रोटोटाइप तैयार होने से पहले ही प्रणालियों का सत्यापन हो सकता है।
- विभिन्न अनुप्रयोग क्षेत्रों के लिए विकास चक्र में फ्रंट-लोडिंग डिजिटीकरण।
- प्रौद्योगिकी अवशोषण, डू-इट-योरसेल्फ, हैंडलिंग और अनुप्रयोग के लिए अनुभव केंद्र।
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ये कुछ एक बाजार नमूनों तक पायलट निर्माण का भी समर्थन करेंगे
- आईआईटी की बौद्धिक क्षमता का उपयोग करके स्टार्ट-अप, एमएसएमई और शिक्षा जगत को जोड़ना।
- अभिकल्प और सिम्यूलेशन के लिए टूलिंग सहायता।
- उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए विभिन्न भारतीय स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई के लिए प्रदर्शन, जागरूकता, अनुभव केंद्र, प्रशिक्षण, परामर्श और सहायता केंद्र स्थापित किए जाएँगे।
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विभिन्न स्थानों से टूल तक आसान पहुँच के लिए हब और स्पोक को डिजिटल रूप से जोड़ा जा रहा है।
हमारी सुविधा निम्नलिखित प्रमुख ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को सहायता प्रदान करने के लिए अभिकल्पित की गई है
- एचआईएल फार्म सुविधा जिसमें विभिन्न “कृत्रिम बुद्धिमत्ता-इन-लूप” प्रणालियाँ शामिल हैं
- एकीकृत अभिकलनात्मक सामग्री इंजीनियरिंग सिम्यूलेशन प्लेटफॉर्म केंद्र
- “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग” का उपयोग करके प्रणाली विकास केंद्र